Friday, July 31, 2026
No menu items!
Homeबिहारमधुबनी जिले को मिली दोहरी सौगात: मधुबनी और झंझारपुर में खुलेंगे केंद्रीय...

मधुबनी जिले को मिली दोहरी सौगात: मधुबनी और झंझारपुर में खुलेंगे केंद्रीय विद्यालय, DM आनंद शर्मा बोले—”यह टीम मधुबनी की सामूहिक उपलब्धि”

मधुबनी: शिक्षा के क्षेत्र में मधुबनी जिले को बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 से मधुबनी और झंझारपुर में दो नए केंद्रीय विद्यालयों के संचालन की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले से जिले के हजारों विद्यार्थियों को अपने ही जिले में केंद्रीय विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।

KVS द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दोनों केंद्रीय विद्यालय प्रारंभिक चरण में बालवाटिका-I, II, III तथा कक्षा 1 से 5 तक एक-एक सेक्शन के साथ संचालित होंगे। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 30 दिनों के भीतर नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
मधुबनी केंद्रीय विद्यालय का संचालन फिलहाल S.N.S.D.N.G. Watson-2 School, कचहरी रोड, मधुबनी के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। वहीं झंझारपुर केंद्रीय विद्यालय का संचालन फिलहाल प्लस टू केजरीवाल उच्च विद्यालय, झंझारपुर के अस्थायी परिसर से शुरू होगा। दोनों केंद्रीय विद्यालयों के लिए स्थायी भवन उपलब्ध होने के बाद वहां से नियमित संचालन किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने खुशी जताते हुए कहा,
“आज हमारे जिले के लिए ऐतिहासिक दिन है। आखिरकार हमें शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए दोनों केंद्रीय विद्यालयों के संचालन की अनुमति मिल गई है। यह उपलब्धि टीम मधुबनी के सामूहिक प्रयास, समर्पण और अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम है। इस सफलता में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई। आइए, इसी समर्पण के साथ आगे भी मिलकर काम करें और उत्कृष्टता के नए कीर्तिमान स्थापित करें। टीम मधुबनी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूती रहेगी।”

दोनों केंद्रीय विद्यालयों की स्वीकृति के बाद जिले में खुशी का माहौल है। अभिभावकों, छात्रों और आम लोगों का कहना है कि लंबे समय से की जा रही मांग अब पूरी हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग जिला प्रशासन और जिलाधिकारी आनंद शर्मा के नेतृत्व में टीम मधुबनी के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

मधुबनी और झंझारपुर में केंद्रीय विद्यालयों की शुरुआत को जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा और उन्हें केंद्रीय विद्यालय में नामांकन के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

अभी अभी

लोकप्रिय खबर