खजौली, मधुबनी | 21 मई 2026
राज्य सरकार के निर्देश पर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खजौली में Ferric Carboxymaltose Injection (FCM) Therapy अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन तीन गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को FCM इंजेक्शन लगाया गया। सभी महिलाएं ANC जांच के लिए CHC खजौली पहुंची थीं, जहां चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद उन्हें यह थेरेपी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के पत्रांक 8779 दिनांक 24 मार्च 2026 के तहत इस अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ 26 मार्च को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, NFHS-5 रिपोर्ट में बिहार की 63 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पाई गई है, जो राष्ट्रीय औसत 52 प्रतिशत से काफी अधिक है। इसी को देखते हुए गंभीर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष FCM थेरेपी अभियान चलाया जा रहा है।
CHC प्रभारी डॉ. ज्योतींद्र नारायण की देखरेख में इंजेक्शन लगाए गए। गाइडलाइन के अनुसार अस्पताल में तीन बेड, IV स्टैंड तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था की गई थी ताकि मरीजों को सुरक्षित तरीके से थेरेपी दी जा सके।
इस दौरान GNM शबनम सिन्हा, प्रसव कक्ष इंचार्ज सुशीला कुमारी, इमरजेंसी इंचार्ज रानी कुमारी, ANM धर्मशिला देवी, BHM अर्चना भट, BME राजन प्रसाद रजत, फार्मासिस्ट उमेंद्र कुमार पाजी, बबलू कुमार समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिन्हित गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाने और वापस घर पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है। चिकित्सकों के अनुसार, FCM इंजेक्शन उन महिलाओं को दिया जाता है जिनका हीमोग्लोबिन स्तर काफी कम होता है और जिन्हें ओरल आयरन दवाओं से पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा होता। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार करना है।
