दिनांक: 22 अप्रैल 2026
विद्यार्थियों ने पेश की रचनात्मकता की मिसाल:
मधुबनी: पृथ्वी दिवस के अवसर पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय, सलहा एवं नमामि गंगे, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
पेंटिंग प्रतियोगिता में दिखी पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता
पर्यावरण एवं यूथ क्लब के नोडल शिक्षक मुकेश कुमार झा के नेतृत्व में “पेड़ लगाओ – पृथ्वी बचाओ” विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई।
छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए यह दर्शाया कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से पृथ्वी का संतुलन बिगड़ सकता है और मानव जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
नाटक के जरिए दिया सशक्त संदेश
शिक्षिका चंदा कुमारी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर एक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया।
नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि पेड़-पौधे केवल मानव जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों और सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
️ अधिकारियों और शिक्षकों के विचार
जिला गंगा समिति, नमामि गंगे, मधुबनी के डीपीओ आनंद अंकित ने कहा कि:
“पृथ्वी दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने और उसे निभाने का संकल्प लेने का अवसर है। अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रधानाध्यापिका एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि:
“बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम उन्हें संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।”
सामूहिक प्रयास और संकल्प
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक राजेश रंजन, धर्मदेव रमण, राकेश कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। साथ ही, आम नागरिकों से भी पृथ्वी को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
