मधुबनी | 22 अप्रैल 2026
विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मधुबनी जिले के झंझारपुर स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (समस्तीपुर) द्वारा संचालित केंद्र में आयोजित हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और अन्य सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सामूहिक प्रयास से हरियाली की ओर कदम
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हरित आवरण में वृद्धि करना, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और समाज को प्रकृति के प्रति जागरूक करना रहा।
“पर्यावरण संरक्षण समय की मांग” – डॉ. संजय कुमार
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग के साथ जैविक और संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कम करता है और सतत कृषि को बढ़ावा देता है।
“हमारा ग्रह, हमारी जिम्मेदारी” – आशीष राय
वरिष्ठ तकनीकी सहायक श्री आशीष राय ने कहा कि
“हमारा ग्रह हमारी जिम्मेदारी है और यही हमारा भविष्य भी है।”
उन्होंने किसानों और आम लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक पौधे लगाएं, उनकी देखभाल करें और अनावश्यक पेड़ों की कटाई से बचें, ताकि बढ़ते वैश्विक तापमान के खतरे को कम किया जा सके।
स्वच्छ और सुरक्षित पृथ्वी का आह्वान
कार्यक्रम में डॉ. एस. के. मंडल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि पृथ्वी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर सुधांशु रंजन, अशोक राम, नवीन, मणिक एवं विवेक सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेष संदेश
“एक पेड़ – अनेक लाभ, आइए मिलकर पृथ्वी को हराभरा और सुरक्षित बनाएं।”
