मधुबनी। जिले के घोघरडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक पंचायत में मुखिया के दरवाज़े पर कथित रूप से एक महिला की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान 1 मार्च को मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर प्रशासन से न्याय की मांग की।
मृतका की पहचान रोशन खातून के रूप में हुई है, जो अमही गांव की रहने वाली बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, वह 25 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे अपनी शिकायत लेकर मुखिया कुमारी देवी के पास गई थीं। आरोप है कि किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और मुखिया ने अपने परिजनों को बुला लिया। इसके बाद महिला को कथित तौर पर बांधकर मारपीट की गई।

पुलिस को 112 पर दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने महिला को रेस्क्यू कर घोघरडीहा अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे Darbhanga Medical College and Hospital (डीएमसीएच) रेफर किया गया। वहां से स्थिति बिगड़ने पर उसे Patna Medical College and Hospital (पीएमसीएच) भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 1 मार्च को उसकी मौत हो गई।
प्राथमिकी में देरी पर सवाल
घटना 25 फरवरी की बताई जा रही है, जबकि परिजनों का आरोप है कि 1 मार्च तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। घोघरडीहा थानाध्यक्ष ने फोन पर बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या किसी जनप्रतिनिधि या उसके परिजनों को किसी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार है?
क्या पंचायत प्रतिनिधि का दरवाज़ा कानून का विकल्प हो सकता है?
शिकायत लेकर पहुंची एक महिला के साथ कथित मारपीट क्या कानून व्यवस्था की विफलता नहीं है?
कानून के जानकारों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को दंड देने का अधिकार केवल न्यायालय को है। यदि आरोप सही हैं, तो यह मामला गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज हो सकता है।
सड़क जाम, न्याय की मांग
महिला की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव के साथ सड़क पर उतर आए और प्रशासन से दोषियों की गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच की मांग की। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की जा रही है कि मामले में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। फिलहाल पूरे मामले पर सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
