इम्तियाज नूरानी से लेकर डॉ. शकील अहमद तक के पार्टी छोड़ने का जिक्र, प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली और सम्मान-अवसर को लेकर उठाए सवाल
मधुबनी। जिले की राजनीति में कांग्रेस के भीतर नेताओं के लगातार पार्टी से अलग होने की घटनाओं ने संगठन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूछा है कि आखिर मधुबनी कांग्रेस में नेताओं के पार्टी छोड़ने की वजह क्या है? क्या यह प्रदेश नेतृत्व की उदासीनता का परिणाम है, या नेताओं को अपेक्षित सम्मान और अवसर नहीं मिल पा रहा है? अथवा महागठबंधन की राजनीतिक बाध्यताएं इसकी वजह बन रही हैं?
प्रेस विज्ञप्ति में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इंतियाज नूरानी का कांग्रेस छोड़कर जन सुराज में शामिल होना, पूर्व एमएलसी विनोद सिंह का कांग्रेस से नाता तोड़ना, सुल्तान अहमद शमशी द्वारा निर्दलीय चुनाव लड़ने पर विचार और सबसे महत्वपूर्ण डॉ. शकील अहमद द्वारा कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना—ये घटनाएं निश्चित रूप से पार्टी के लिए चिंताजनक और विचारणीय हैं।
अल्पसंख्यक और सवर्ण नेताओं के समायोजन का भी उठाया मुद्दा
प्रेस विज्ञप्ति में मधुबनी नगर निगम के वर्तमान डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान का भी उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले डिप्टी मेयर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कांग्रेस में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें प्रदेश स्तर पर अब तक कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिली है।
इसी तरह जिले के सवर्ण नेताओं का जिक्र करते हुए पूर्व एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा और कृपानाथ पाठक का नाम लिया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एमएलसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इन नेताओं को भी संगठन में कहीं समायोजित नहीं किया गया।
“छात्र जीवन से कांग्रेस में सक्रिय हूं”
प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले नेता मनोज मिश्रा ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे छात्र जीवन से ही कांग्रेस में लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने पहले एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया और बाद में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
उन्होंने कहा कि आज भी वे एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कांग्रेस में बने हुए हैं और पार्टी के सिद्धांतों तथा विचारधारा में विश्वास रखते हैं।
राहुल गांधी को लेकर जताई अपनी राजनीतिक आस्था
विज्ञप्ति में उन्होंने कांग्रेस में बने रहने की अपनी वजह भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में उनके अनुसार राहुल गांधी ही ऐसे निर्भीक और साहसी नेता हैं, जो लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी को देश के सर्वोच्च पद पर देखना चाहते हैं।
मधुबनी कांग्रेस के भविष्य को लेकर बढ़ी चर्चा
लगातार सामने आ रहे इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच मधुबनी कांग्रेस के संगठनात्मक हालात और नेतृत्व की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के फैसलों के पीछे अलग-अलग राजनीतिक और व्यक्तिगत कारण हो सकते हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदेश नेतृत्व इन घटनाओं को किस रूप में लेता है और जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
