मधुबनी। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, मधुबनी में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मासिक क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी SDPO, सर्किल इंस्पेक्टर एवं थानाध्यक्ष शामिल हुए।
बैठक में जिले की वर्तमान विधि-व्यवस्था, अपराध की स्थिति और विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित कांडों के निष्पादन, वारंटों के निष्पादन, फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, शराबबंदी अभियान, साइबर अपराध तथा रात्रि गश्ती सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
SSP योगेंद्र कुमार ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने तथा गंभीर मामलों में पुलिस कार्रवाई को और तेज करने पर जोर दिया।
रात्रि गश्ती और पुलिसिंग मजबूत करने पर जोर
बैठक में रात्रि गश्ती को और प्रभावी बनाने का भी निर्देश दिया गया। SSP ने थाना क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतों के निपटारे में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
शराबबंदी और साइबर अपराध पर विशेष निगरानी
क्राइम मीटिंग में शराबबंदी अभियान और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। SSP ने अवैध शराब के कारोबार एवं तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखने तथा साइबर अपराध के मामलों में त्वरित अनुसंधान और कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बदलते अपराध के तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और तकनीकी माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति
SSP योगेंद्र कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में अपराध और आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध की रोकथाम के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करने को कहा।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
क्राइम मीटिंग के अंत में बेहतर कार्य और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
SSP योगेंद्र कुमार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों का अच्छा प्रदर्शन न केवल विभाग का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत करता है। उन्होंने सम्मानित पुलिसकर्मियों को आगे भी इसी तरह ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
मासिक क्राइम मीटिंग के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने जिले में अपराध नियंत्रण, त्वरित पुलिस कार्रवाई और बेहतर कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
