Monday, August 3, 2026
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बांकीपुर में बड़ा सियासी उलटफेर: प्रशांत किशोर ने BJP का 30 साल पुराना गढ़ ढहाया, 19,324 वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत

पटना: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही बांकीपुर सीट पर भाजपा का करीब तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया। 

यह उपचुनाव इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि यह सीट पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। चुनाव परिणाम को बिहार की बदलती राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता के मूड का बड़ा संकेत माना जा रहा है। 

पहली चुनावी लड़ाई में प्रशांत किशोर की बड़ी सफलता
चुनावी रणनीतिकार के रूप में देशभर में पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर ने पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरकर जीत हासिल की है। उन्होंने कुल 64,151 वोट प्राप्त किए और भाजपा उम्मीदवार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। इस जीत को जन सुराज पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। 

भाजपा को बड़ा झटका
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा था। ऐसे में इस उपचुनाव में मिली हार को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नतीजे का असर बिहार की आगामी राजनीति और विधानसभा चुनाव की रणनीतियों पर भी देखने को मिल सकता है। 

जन सुराज कार्यकर्ताओं में जश्न
नतीजे घोषित होते ही जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। पटना सहित कई स्थानों पर समर्थकों ने मिठाइयां बांटी, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। प्रशांत किशोर ने इसे जनता के विश्वास और बदलाव की राजनीति की जीत बताया। 

बिहार की राजनीति में नए समीकरण
बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट की जीत-हार नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत से जन सुराज पार्टी का मनोबल बढ़ेगा, जबकि भाजपा को अपने संगठन और चुनावी रणनीति की समीक्षा करनी पड़ सकती है। 

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