Wednesday, July 29, 2026
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मधुबनी में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, दो दुकानों का लाइसेंस तत्काल निलंबि 347 उर्वरक दुकानों की जांच में 18 में मिली अनियमितता, कई पर एफआईआर और लाइसेंस रद्द की कार्रवाई

 

मधुबनी जिला प्रशासन ने किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमित वितरण पर लगाम लगाने के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिलेभर में चलाए जा रहे विशेष छापेमारी अभियान के तहत लौकही प्रखंड की दो उर्वरक दुकानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर के नेतृत्व में 28 जुलाई 2026 को अनुमंडल कृषि पदाधिकारी फुलपरास कृष्णानंद कुमार के साथ लौकही प्रखंड के विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों की औचक जांच की गई। जांच के दौरान मेसर्स प्रणव ट्रेडर्स, पिपराही (प्रो. विनीत कुमार नाहर) तथा मेसर्स जगदंबा एजेंसी, लौकही (प्रो. हेमंत कुमार गुप्ता) में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद दोनों प्रतिष्ठानों की उर्वरक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई।

जिलेभर में लगातार चल रही है छापेमारी

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर विशेष उर्वरक छापेमारी दल गठित किए गए हैं। ये टीमें नियमित रूप से दुकानों की जांच कर रही हैं ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब तक की कार्रवाई एक नजर में

जिले में अब तक 347 उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी है। इनमें 18 प्रतिष्ठानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई इस प्रकार है—

02 प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज

04 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द

08 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

04 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण की मांग

किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी, अधिक कीमत वसूली या अनियमित वितरण में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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