मधुबनी: शहर के रीजनल सेकेंडरी स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के निर्देशानुसार भारतीय भाषा समर कैंप 2026 का आयोजन 17 जुलाई से 24 जुलाई तक किया गया। इस सात दिवसीय कैंप का उद्देश्य बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को भारत की भाषाई विविधता से परिचित कराना तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान और रुचि विकसित करना था।
विद्यालय के निदेशक डॉ. राम श्रृंगार पांडे ने बताया कि सीबीएसई के सर्कुलर के अनुसार विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा या पहले से ज्ञात भाषा के अलावा किसी अन्य भारतीय भाषा को सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को समझना तथा उसे संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और भाषाई सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।

इस वर्ष समर कैंप में राजस्थानी भाषा का चयन किया गया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों को राजस्थानी भाषा के मूल स्वरूप, बोलचाल, लेखन शैली, लोककला, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी गई। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से भाषा को रोचक तरीके से सीखा और राजस्थानी संस्कृति से जुड़े कई पहलुओं को समझा।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने सीबीएसई की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से देश के विभिन्न राज्यों की भाषाओं और संस्कृतियों के प्रति विद्यार्थियों की समझ बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और इतिहास की पहचान भी होती है।

कार्यक्रम में विद्यालय के शैक्षणिक निदेशक इंजीनियर प्रत्यूष परिमल ने अपने संबोधन में राजस्थानी भाषा के इतिहास और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत की विभिन्न भाषाओं के संरक्षण और सम्मान का संदेश दिया।
समर कैंप में रिसोर्स पर्सन के रूप में विद्यालय की शिक्षिका वंदना कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं अंशु कुमारी, श्वेता कुमारी, अनुपम कुमारी और शैलेंद्र पांडे ने सहायक के रूप में कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
इस सात दिवसीय समर कैंप में 800 विद्यार्थियों, 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा 300 अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को सफल बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
