मधुबनी:
नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति द्वारा शहर के ऐतिहासिक टाउन क्लब मैदान में मल्टीपरपस हॉल निर्माण के प्रस्ताव का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। उपमहापौर पद की पूर्व प्रत्याशी एवं समाजसेविका काजोल पूर्वे ने इस प्रस्ताव को शहर के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि टाउन क्लब मैदान मधुबनी शहर का एकमात्र बड़ा सार्वजनिक खुला मैदान है, जिसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह मैदान वर्षों से शहर के सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, शैक्षणिक और सरकारी आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां सत्संग, सम्मेलन, पुस्तक एवं कृषि प्रदर्शनी, मेले, राजनीतिक सभाएं, प्रसार भारती के कार्यक्रम सहित अनेक बड़े सार्वजनिक आयोजन नियमित रूप से होते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे खेलकूद करते हैं तथा सुबह-शाम सैकड़ों लोग टहलने और व्यायाम के लिए इसी मैदान का उपयोग करते हैं।
काजोल पूर्वे ने कहा कि टाउन क्लब मैदान के महत्व को देखते हुए तत्कालीन विधान परिषद सदस्य संजय झा के प्रयास से यहां स्थायी मंच का निर्माण कराया गया था, ताकि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा हो सके। ऐसे ऐतिहासिक और उपयोगी मैदान पर निर्माण कार्य करना शहर की सार्वजनिक आवश्यकताओं के साथ समझौता होगा।
उन्होंने नगर निगम के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि निगम के पास टंचिंग ग्राउंड, भौआड़ा हाट समेत अन्य स्थानों पर पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, जहां मल्टीपरपस हॉल का निर्माण किया जा सकता है l
इसके बावजूद शहर के सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक मैदान का चयन करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि यदि नगर निगम विकास करना चाहता है तो वैकल्पिक स्थलों पर निर्माण करे, न कि शहर की एकमात्र खुली सार्वजनिक जगह को खत्म करे।
काजोल पूर्वे ने आरोप लगाया कि नगर निगम अपनी अन्य जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है, जबकि सार्वजनिक उपयोग के इस मैदान को निर्माण के लिए चुना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहर के भविष्य और नागरिकों के हितों के विरुद्ध है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस मामले को लेकर जल्द ही महापौर, नगर आयुक्त, जिलाधिकारी तथा संबंधित मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मल्टीपरपस हॉल निर्माण संबंधी प्रस्ताव वापस लेने की मांग की जाएगी। यदि इसके बावजूद निर्णय नहीं बदला गया तो “टाउन क्लब फील्ड बचाओ संघर्ष मोर्चा” का गठन कर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
काजोल पूर्वे ने कहा कि वे शहर के विकास की पक्षधर हैं, लेकिन विकास के नाम पर सार्वजनिक मैदानों को समाप्त करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर शहरवासियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।
