मधुबनी। आधुनिक शिक्षा, कॉर्पोरेट अनुभव और राजनीतिक विरासत—इन तीनों का सुंदर संगम हैं मधुबनी जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव। पुणे की कॉर्पोरेट दुनिया में बेहतर करियर बनाने के बाद भी उनका मन गांव, गरीब, किसान और आम लोगों की समस्याओं से जुड़ा रहा। यही कारण है कि उन्होंने सुविधाओं से भरी नौकरी को छोड़कर जनसेवा और राजनीति का रास्ता चुना।
आज बिंदु गुलाब यादव मधुबनी जिला परिषद की कमान संभालते हुए ग्रामीण विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और पंचायत स्तर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार सक्रिय हैं। वे केवल कार्यालय तक सीमित रहने वाले जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान के लिए प्रयास करने वाले युवा नेता के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।

पुणे में शिक्षा, कॉर्पोरेट में करियर
बिंदु गुलाब यादव की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर एमबीए तक की पढ़ाई पुणे, महाराष्ट्र में हुई। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य किया। आधुनिक कार्यशैली, बेहतर पद और करियर की संभावनाओं के बावजूद उनकी सोच केवल निजी सफलता तक सीमित नहीं रही। उनके भीतर समाज और अपने क्षेत्र के लिए कुछ करने की इच्छा लगातार मजबूत होती गई।
आखिरकार उन्होंने कॉर्पोरेट करियर को पीछे छोड़ मधुबनी की मिट्टी से जुड़ने का निर्णय लिया। यह निर्णय केवल राजनीति में आने का नहीं था, बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी आवाज बनने का था।
पहले ही चुनाव में जनता का भरोसा
राजनीतिक सफर की शुरुआत में ही बिंदु गुलाब यादव ने जिला परिषद चुनाव लड़ा और जनता का विश्वास जीतकर सफलता हासिल की। इसके बाद वे जिला परिषद अध्यक्ष बने। युवा ऊर्जा और प्रशासनिक समझ के साथ वे जिले के विकास कार्यों को गति देने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिंदु गुलाब यादव की कार्यशैली में संवाद, सादगी और समस्याओं के प्रति गंभीरता दिखाई देती है। गांवों में सड़क, नाला, पेयजल, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर वे लगातार लोगों से संपर्क में रहते हैं।
राजनीतिक परिवार की विरासत
बिंदु गुलाब यादव एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी राजनीति और जनसेवा में मजबूत पहचान रही है। उनकी माता श्रीमती अंबिका गुलाब यादव बिहार विधान परिषद की सदस्या हैं। वहीं उनके पिता श्री गुलाब यादव वर्ष 2015 में झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उस चुनाव में उन्होंने वर्तमान नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा को पराजित किया था।
परिवार की राजनीतिक विरासत के साथ बिंदु गुलाब यादव ने अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। उनकी शिक्षा, कॉर्पोरेट अनुभव और जमीनी जुड़ाव उन्हें युवा नेतृत्व की नई पंक्ति में खड़ा करता है।

राजद कार्यालय में दिखी सक्रियता
राजद कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिंदु गुलाब यादव पार्टी नेतृत्व के साथ मौजूद रहे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में उन्हें पार्टी साहित्य भी भेंट किया गया।
मधुबनी के लिए बिंदु गुलाब यादव का सफर यह संदेश देता है कि यदि इरादा मजबूत हो, तो बड़े शहरों की नौकरी और सुविधाओं से आगे बढ़कर अपने क्षेत्र की सेवा को भी जीवन का लक्ष्य बनाया जा सकता है।
