मधुबनी, 15 जून।
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं जवाबदेह बनाने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस बैठक में अस्पतालों की कार्यप्रणाली, स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता और लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सदर अस्पताल समेत जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति और ओपीडी सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।
जिला स्तर पर ही मिले बेहतर इलाज, अनावश्यक रेफरल पर रोक
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने रेफरल मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से मरीजों को बाहर भेजने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अधिकतम मरीजों का उपचार स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए।
28 जून से शुरू होगा पल्स पोलियो अभियान, तैयारियों में कोई कमी नहीं
आगामी 28 जून से शुरू होने वाले पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को माइक्रो प्लान तैयार करने, दवाओं और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंच बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए।
आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को समय पर मिले प्रोत्साहन राशि
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं एवं जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को देय प्रोत्साहन राशि के भुगतान की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित भुगतान पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को समय पर प्रोत्साहन राशि मिलना आवश्यक है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग, योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने तथा जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर नागरिक तक समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी स्वास्थ्यकर्मी समर्पण भाव से कार्य करें और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र कुमार, डीएमओ दया शंकर सिंह, डीपीएम पंकज कुमार, डीपीओ आईसीडीएस सहित जिला स्वास्थ्य समिति के सभी अधिकारी, स्वास्थ्य अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक उपस्थित रहे।
