Friday, June 12, 2026
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तीन साल से सड़क की मांग कर रहे 600 परिवार, झंझारपुर नगर परिषद के खिलाफ फूटा लोगों का आक्रोश

 

झंझारपुर, मधुबनी।

झंझारपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 1, 2 और 5 के सैकड़ों लोगों ने वर्षों से लंबित सड़क निर्माण कार्य को लेकर नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार आवेदन देने, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने और नगर परिषद की बैठकों में प्रस्ताव रखने के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे नाराज लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि कनहौली से झंझारपुर मुख्य बाजार को जोड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण संपर्क सड़कों में से एक है। इसी मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे, शिक्षक, व्यापारी, किसान और आम नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलजमाव और कीचड़ की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी होती है, जबकि मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़क के कारण बाजार आने-जाने वाले लोगों की संख्या प्रभावित होती है, जिससे स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।

लोगों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान कई बार नगर परिषद कार्यालय में लिखित आवेदन दिया गया। इसके अलावा वार्ड पार्षदों, नगर परिषद अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को भी सड़क की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। धरातल पर आज तक कोई काम शुरू नहीं हुआ।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि चुनाव के समय विकास और आधारभूत सुविधाओं के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता की समस्याओं को भुला दिया जाता है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से लगातार उठाई जा रही है, फिर भी प्रशासन की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई गई।

स्थानीय समाजसेवियों और नागरिकों ने बताया कि सड़क निर्माण का मुद्दा नगर परिषद की बैठकों में भी कई बार उठाया गया। 23 दिसंबर 2025 को आयोजित नगर परिषद की बैठक में भी इस सड़क के निर्माण को लेकर लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। बावजूद इसके संबंधित विभाग और अधिकारियों ने इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

स्थानीय प्रतिनिधि सबिया परवीन ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम 2007 के प्रावधानों के तहत सड़क निर्माण का मामला परिषद की बैठक में उठाया गया था। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों द्वारा विधिवत प्रस्ताव रखा जा चुका है तो फिर कार्य में देरी समझ से परे है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की इस समस्या से लगभग 600 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों की शिक्षा, मरीजों की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियां और आम जनजीवन सभी प्रभावित हैं। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

वहीं प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद अध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी और नगर विकास विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर लोगों को राहत दी जाए। उनका कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे जब जनता को बुनियादी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

अब सवाल यह है कि तीन वर्षों से लगातार उठ रही इस मांग पर आखिर कब कार्रवाई होगी और कब वार्ड संख्या 1, 2 और 5 के लोगों को जर्जर सड़क से निजात मिलेगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें नगर परिषद प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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