पुपरी/सीतामढ़ी: आगामी जनगणना 2027 को लेकर पुपरी प्रखंड में प्रशासनिक तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी क्रम में प्रखंड कार्यालय में प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) के लिए एक विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अमित कुमार अमन ने की।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी कर्मियों को जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण की विधि, तथा मकान सूचीकरण (House Listing) से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना का पहला चरण 2 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें घर-घर जाकर प्रत्येक मकान का पंजीकरण किया जाएगा।
क्या होगा इस चरण में?
इस चरण में प्रगणक हर घर पर जाकर:
प्रत्येक मकान को एक यूनिक हाउस नंबर प्रदान करेंगे
मकान की स्थिति, उपयोग और संरचना से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे
परिवार के मुखिया से प्रारंभिक विवरण एकत्र करेंगे
वहीं, पर्यवेक्षक फील्ड में लगातार निगरानी रखेंगे ताकि कार्य में पारदर्शिता और शुद्धता बनी रहे।
️ 223 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए
पुपरी प्रखंड में इस कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुल 223 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए गए हैं।
प्रत्येक ब्लॉक की स्पष्ट सीमाएं निर्धारित की गई हैं
सभी क्षेत्रों का डिजिटल मैपिंग (Google Map) के माध्यम से चिन्हांकन किया गया है
इससे प्रगणकों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र की सटीक जानकारी मिल सकेगी
स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा
सरकार द्वारा इस बार नागरिकों की सुविधा के लिए Self Enumeration Portal भी शुरू किया गया है।
लोग घर बैठे ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं
जानकारी सबमिट करने के बाद एक Self Enumeration ID प्राप्त होगी
प्रगणक के आने पर यह ID दिखाना अनिवार्य होगा l
️ BDO की अपील
BDO अमित कुमार अमन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि:
“हमारा उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति या मकान गणना से छूटे नहीं और डेटा पूरी तरह सटीक हो।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह जनगणना?
जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं और नीतियों का आधार बनते हैं। इससे:
सरकारी योजनाओं का सही लाभ लक्षित लोगों तक पहुंचता है
क्षेत्रीय विकास की रणनीति तैयार होती है
शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास जैसी सेवाओं की योजना बेहतर बनती है
निष्कर्ष
पुपरी प्रखंड में जनगणना 2027 को लेकर की जा रही तैयारियां यह दर्शाती हैं कि प्रशासन इस कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता के सहयोग से यह अभियान सफल बनाया जा सकता है।
