पटना| ईरान के प्रमुख धार्मिक और क्रांतिकारी नेता Ayatollah Ali Khamenei की शहादत की खबर सामने आने के बाद पूरे इस्लामी जगत में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। सुबह लगभग नौ बजे यह सूचना सामने आई, जिसके बाद धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
इस अवसर पर All India Muslim Bedari Karwan के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nazre Alam ने गहरे दुःख का इज़हार करते हुए कहा,
“यह किसी एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह एक विचार, एक संघर्ष और पूरी उम्मत की सामूहिक अस्मिता पर सीधा हमला है। खामेनेई सब्र, संकल्प और प्रतिरोध की मिसाल थे। उनकी शहादत उम्मत के लिए अपूरणीय क्षति है।”
नजरे आलम ने संगठन की ओर से तीन दिवसीय शोक की घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में मज़लूम नेतृत्व को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा,
“जब-जब उम्मत ने सिर उठाने की कोशिश की, उसे खून में डुबो दिया गया। यह सिलसिला अब रुकना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास खुद को दोहराता प्रतीत हो रहा है।
“यह उम्मत की रीढ़ पर वार है, सदियों से चला आ रहा अन्याय आज भी जारी है।”
नजरे आलम ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक समुदाय की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा,
“अगर आज इस घटना पर चुप्पी साध ली गई, तो कल कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा।”

अंत में उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद को उच्च स्थान प्रदान करे, उनके परिजनों और पूरी उम्मत को सब्र-ए-जमील अता करे तथा ज़ालिमों को उनके अंजाम तक पहुँचाए।
