देश के शैक्षणिक और सामाजिक विवाद का नया अध्याय गुरुवार को उभर कर सामने आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2026 के विवादित कठिन इक्विटी नियमों पर रोक लगा दी। उच्चतम न्यायालय के इस कदम के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया जताई। �
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
शीर्ष अदालत ने कहा कि नए यूजीसी नियम अस्पष्ट हैं और गलत इस्तेमाल का जोखिम रखते हैं, जिससे समाज में विभाजन फैल सकता है। इसलिए अगले आदेश तक इन नियमों पर रोक लगाई गई है और पुराने 2012 के नियम जारी रहेंगे।
गिरिराज सिंह की टिप्पणी:
गिरिराज सिंह ने इन नियमों को “सनातन धर्म को बांटने वाले” बताया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा का अहम कदम बताया। सिंह ने कहा कि यह फैसला देश के छात्रों, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को बड़ी राहत देगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया। �
️ उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“सनातन को बांटने वाले यूजीसी के नियम पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने पर हार्दिक आभार…”
और अपनी पार्टी की मूल नीति ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय एकता के पक्ष में है।
हालांकि नए नियमों के खिलाफ कल से देश के कई हिस्सों में छात्र विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं और कुछ नेताओं ने भी आलोचना की है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्टे ने फिलहाल विवाद को एक नए मोड़ पर ला दिया है।
