मजबूनी नगर निगम के मेयर अरुण राय को राज्य निर्वाचन आयोग से बड़ी राहत मिली है। मेयर के चुनाव और नामांकन को लेकर लगाए गए सभी आरोपों को राज्य निर्वाचन आयोग, पटना ने पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
मेयर अरुण राय के चुनाव जीतने के दो–तीन महीने बाद कुछ राजनीतिक विरोधियों द्वारा आरोप लगाया गया था कि उनके नामांकन और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। आरोप था कि निर्वाचन दस्तावेज़ों में गलत तरीके से नामांकन दाख़िल किया गया और पूर्व चुनाव से जुड़े प्रतिनिधित्व को लेकर नियमों का उल्लंघन हुआ है।
इन आरोपों के बाद मामला राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुँचा। मेयर अरुण राय की ओर से इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज़ कलेक्टर और राज्य निर्वाचन आयोग को समय पर सौंप दिए गए थे।
27 तारीख को हुई सुनवाई
राज्य निर्वाचन आयोग, पटना में 27 तारीख को अपराह्न 3:30 बजे इस मामले की सुनवाई हुई। आयोग द्वारा की गई गहन जाँच में यह स्पष्ट हो गया कि मेयर अरुण राय का नामांकन पूरी तरह वैध, नियमसम्मत और सही प्रक्रिया के तहत किया गया था।
जाँच के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहा, जिसके बाद आयोग ने मेयर के खिलाफ दर्ज शिकायत को खारिज कर दिया।
समर्थकों में खुशी
राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले के बाद मजबूनी में मेयर अरुण राय के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास और कार्यालय पर पहुँचे, फूल-मालाएँ पहनाकर उन्हें बधाई दी और इसे सच्चाई की जीत बताया।
मेयर अरुण राय ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नियमों का पालन किया है और सच्चाई अंततः सामने आई है।
