बिहार पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मधुबनी में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक रविन्द्र राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण जांच दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। विभागीय जांच में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, यह मामला भागलपुर कोतवाली आदमपुर थाना कांड संख्या 758/17 और 759/17 से जुड़ा हुआ है। इन मामलों की समीक्षा बिहार पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग एवं कमजोर वर्ग प्रभाग, पटना द्वारा की जा रही थी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि उस समय इन कांडों के अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक रविन्द्र राम थे।
जांच के दौरान भागलपुर समाहरणालय की स्थापना शाखा से संबंधित सीडी, पेन ड्राइव और जांच प्रतिवेदन की सत्यापित प्रतियां प्राप्त हुई थीं। आरोप है कि जब रविन्द्र राम ने मामले का प्रभार वर्तमान अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार यादव को सौंपा, तब उन्होंने ये अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य हस्तांतरित नहीं किए। इससे मामले की जांच प्रक्रिया प्रभावित होने लगी।
बताया गया है कि वर्तमान अनुसंधानकर्ता और अपराध अनुसंधान विभाग की ओर से कई बार पत्राचार कर आवश्यक दस्तावेज एवं फुटेज उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन इसके बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की।
इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग, पटना ने रविन्द्र राम को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र मधुबनी निर्धारित किया गया है।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को विभागीय जवाबदेही और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिहार पुलिस मुख्यालय लगातार लंबित मामलों की समीक्षा कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है।
