दिनांक: 21 अप्रैल 2026
स्थान: मधुबनी
मधुबनी शहर को स्वच्छ, सुंदर और पॉलीथिन मुक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मंगलवार को स्वच्छता साथियों द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य शहरवासियों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना और एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देना था।
प्रमुख चौक-चौराहों पर चला अभियान
अभियान के तहत स्वच्छता टीम ने शहर के प्रमुख इलाकों — थाना मोड़, शंकर चौक, गिलेशन बाजार और बाटा चौक सहित कई भीड़भाड़ वाले स्थानों का दौरा किया। इस दौरान दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर स्वच्छता के महत्व को समझाया गया।
♻️ स्वच्छता और व्यापार—दोनों के लिए फायदेमंद
स्वच्छता साथियों ने दुकानदारों से अपील की कि वे कूड़ा-कचरा सड़क पर न फेंकें और डस्टबिन का नियमित उपयोग करें। उन्होंने बताया कि साफ-सुथरा वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे ग्राहकों के बीच सकारात्मक छवि भी बनती है, जिससे व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है।
पॉलीथिन के खिलाफ सख्त संदेश
अभियान के दौरान एकल उपयोग वाले पॉलीथिन के उपयोग को पूरी तरह बंद करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वच्छता कर्मियों ने बताया कि पॉलीथिन पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है। यह न केवल भूमि और जल प्रदूषण को बढ़ाता है, बल्कि पशुओं और मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
️ अधिकारियों की अपील
नगर निगम, मधुबनी के स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन ने कहा,
“स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो मधुबनी को एक आदर्श स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त शहर बनाया जा सकता है।”
वहीं आनंद अंकित, डीपीओ, नमामि गंगे ने कहा कि,
“स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्लास्टिक मुक्त वातावरण बेहद जरूरी है। इस तरह के जागरूकता अभियानों से लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इनकी रही अहम भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में स्वच्छता साथियों — अविनाश चौधरी, मीनातुल्ला, कल्याणी, अशोक राम, प्रकाश राम, साजन, दीपक कुमार, इंद्रदेव यादव और नीतू कुमारी सहित कई कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
निष्कर्ष
मधुबनी में चलाया गया यह अभियान शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यदि प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाते हैं, तो आने वाले समय में मधुबनी एक आदर्श “पॉलीथिन मुक्त शहर” के रूप में उभर सकता है।
