मधुबनी (बिहार)। जिले के झंझारपुर प्रखंड स्थित संतनगर चौक में दवा कारोबार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां होलसेल (थोक) दवा बिक्री के लाइसेंस की आड़ में सीधे मरीजों और आम लोगों को खुदरा (रिटेल) दवाएं बेची जा रही हैं। दवा दुकान संचालक श्रवण साह पर नियमों की अनदेखी कर थोक लाइसेंस के जरिए फुटकर बिक्री करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों के मुताबिक, दुकान पर एक-दो पत्ते दवाएं भी सीधे ग्राहकों को बेची जा रही हैं। इतना ही नहीं, बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाओं की बिक्री और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह दवा बिक्री से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
थोक लाइसेंस लेकर खुदरा कारोबार का आरोप
दवा कारोबार के नियमों के अनुसार, होलसेल लाइसेंस के तहत दवाओं की थोक आपूर्ति अधिकृत खुदरा विक्रेताओं, अस्पतालों और निर्धारित पात्र संस्थानों को की जाती है। वहीं, सीधे मरीजों और आम ग्राहकों को खुदरा दवाएं बेचने के लिए संबंधित रिटेल लाइसेंस और निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है।
आरोप है कि कुछ कारोबारी थोक लाइसेंस की आड़ में खुदरा बिक्री कर रहे हैं और नियमों को ताक पर रखकर मुनाफा कमा रहे हैं। इससे वैध तरीके से कारोबार करने वाले दवा दुकानदारों के सामने भी प्रतिस्पर्धा का सवाल खड़ा हो रहा है।
फार्मासिस्ट की मौजूदगी और पर्चे पर दवा बिक्री का सवाल
दवा दुकानों पर निर्धारित नियमों के अनुसार योग्य एवं पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता जरूरी है। खासकर डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवाओं की बिक्री में नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संतनगर चौक स्थित संबंधित दुकान पर बिना फार्मासिस्ट की मौजूदगी और बिना डॉक्टर के पर्चे के भी दवाएं बेची जा रही हैं। यदि प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं की बिक्री भी नियमों के विरुद्ध हो रही है, तो यह मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
बिलिंग और राजस्व को लेकर भी सवाल
इस पूरे मामले में दवाओं की बिक्री पर पक्का बिल दिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि खुदरा बिक्री बिना निर्धारित बिलिंग और कर संबंधी नियमों के की जा रही है, तो इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, इस संबंध में कर चोरी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
औषधि विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित दवा दुकानों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। लोगों ने औषधि विभाग से संतनगर चौक स्थित संबंधित दुकान की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन
इस मामले में जब ड्रग इंस्पेक्टर से संपर्क कर पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। अब देखना होगा कि औषधि विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित दुकान के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
सवाल यह है कि अगर होलसेल लाइसेंस की आड़ में खुदरा दवाओं की बिक्री हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या औषधि विभाग समय रहते जांच कर आम लोगों की सेहत से जुड़े इस मामले में कार्रवाई करेगा?
