मधुबनी। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रीजनल सेकेंडरी स्कूल, मधुबनी के निदेशक (डॉ. आर. एस. पांडेय) को प्रतिष्ठित ‘मिथिला के गौरव सम्मान’ से नवाजा गया है। दैनिक भास्कर समूह की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने उन्हें मिथिला की पारंपरिक पाग, दुपट्टा और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उनकी इस उपलब्धि से शिक्षा जगत में खुशी की लहर है।
मिथिलांचल की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली शख्सियतों को सम्मानित करने के उद्देश्य से इस समारोह का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में डॉ. आर. एस. पांडेय को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘मिथिला के गौरव’ सम्मान से नवाजा गया।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए मिली पहचान
रीजनल सेकेंडरी स्कूल, मधुबनी के निदेशक के रूप में डॉ. आर. एस. पांडेय शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत हैं। शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उनके योगदान को इस सम्मान के माध्यम से पहचान मिली है।
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा पर जोर
डॉ. आर. एस. पांडेय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी सक्रिय हैं। उनका प्रयास है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई भी विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित न रहे और उसे आगे बढ़ने का उचित अवसर मिले।
उनकी यह सोच शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
DM आनंद शर्मा ने पाग, दुपट्टा और मोमेंटो देकर किया सम्मानित
दैनिक भास्कर समूह द्वारा आयोजित समारोह में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने डॉ. आर. एस. पांडेय को मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप पाग और दुपट्टा पहनाकर तथा मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके शैक्षणिक योगदान के साथ-साथ मिथिलांचल की प्रतिभाओं को मिलने वाली पहचान का भी प्रतीक है।
मिथिलांचल के शिक्षा जगत के लिए गर्व का क्षण
डॉ. आर. एस. पांडेय को ‘मिथिला के गौरव सम्मान’ से नवाजा जाना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही, यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का भी संदेश देता है।
उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षा जगत से जुड़े लोगों और शुभचिंतकों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।
