दरभंगा। केवटी प्रखंड के दिधियार स्थित उर्दू माध्यमिक विद्यालय को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद जनता दल यूनाइटेड, बिहार के सदस्य एवं ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने मामले को गंभीर बताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना पाठक के आने के बाद विद्यालय की उर्दू पहचान और पहले से चली आ रही व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया। शिकायत के अनुसार, विद्यालय की मोहर से ‘उर्दू’ शब्द हटा दिया गया, जबकि पहले शुक्रवार यानी जुमे को होने वाली छुट्टी को बदलकर रविवार कर दिया गया।
‘किस आदेश से बदली विद्यालय की व्यवस्था?’
नजरे आलम ने सवाल उठाया कि अगर विद्यालय की आधिकारिक मोहर और छुट्टी की व्यवस्था में बदलाव किया गया है, तो यह किस सक्षम विभागीय आदेश के तहत हुआ। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नजरे आलम की DEO से बड़ी मांग
नजरे आलम ने कहा कि उर्दू बिहार की द्वितीय राजभाषा है। ऐसे में उर्दू माध्यम विद्यालय की आधिकारिक पहचान और व्यवस्थाओं में बदलाव के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की ओर से पहले भी संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही है। अब उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार कराने और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की है।
अब जांच में क्या सामने आता है, इस पर नजर
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्यालय की मोहर और छुट्टी की व्यवस्था में बदलाव वास्तव में किस आदेश के आधार पर किया गया। जिला शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
