सिनुआर NPS विद्यालय की जर्जर हालत देख मौके पर पहुंचे डीएम, बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिया बड़ा निर्णय; कहा- न सुरक्षा से समझौता होगा, न पढ़ाई रुकेगी
मधुबनी/बेनीपट्टी। दक्षिणी अरेर पंचायत के सिनुआर गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय (NPS) के जर्जर भवन को लेकर आखिरकार जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने खुद विद्यालय पहुंचकर भवन की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय भवन की हालत काफी जर्जर और चिंताजनक पाई गई।
निरीक्षण के बाद डीएम ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक विद्यालय भवन पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता या उसका पुनर्निर्माण नहीं हो जाता, तब तक NPS सिनुआर की पढ़ाई नजदीकी उत्क्रमित विद्यालय, सिनुआर में संचालित की जाएगी।
जर्जर भवन में अब नहीं होगी बच्चों की पढ़ाई
विद्यालय भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ाने के बजाय सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इससे विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई भी जारी रहेगी।
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैकल्पिक विद्यालय में बच्चों के लिए पढ़ाई की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं, ताकि स्कूल भवन की समस्या के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।
डीएम का स्पष्ट संदेश—सुरक्षा से समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को जर्जर भवन की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विद्यालय भवन की समस्या के समाधान की दिशा में तेजी से कार्रवाई करने को कहा।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और साथ ही उनकी पढ़ाई भी बाधित नहीं होने दी जाएगी।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
डीएम के निरीक्षण के दौरान बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी सारंग पाणि पाण्डेय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेनीपट्टी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया और आगे की कार्रवाई को लेकर आवश्यक निर्देश प्राप्त किए।
अभिभावकों को मिली राहत
विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति को लेकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों के लिए प्रशासन का यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है। अब पुनर्निर्माण या भवन के पूरी तरह सुरक्षित होने तक बच्चों की पढ़ाई नजदीकी उत्क्रमित विद्यालय में होगी।
यानी साफ है—सिनुआर के बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकेगी, लेकिन जर्जर भवन में पढ़ाई भी नहीं होगी।
