मधुबनी, 30 जुलाई।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर तथा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा मधुबनी नगर सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बुधवार की संध्या गंगासागर चौक स्थित चैती दुर्गा मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रभांशु झा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व संयोजक एवं जिला महामंत्री सुबोध चौधरी ने किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को दीपों की रोशनी से सजाया गया तथा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर गुरु पूर्णिमा और संत रविदास जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दीपोत्सव के दौरान मंदिर परिसर भारत माता की जय, वंदे मातरम् तथा “संत शिरोमणि रविदास अमर रहें” जैसे नारों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को याद करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रभांशु झा ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी महाराज ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समता, भाईचारे और मानवता का अमूल्य संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का दीपोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव और एकता को मजबूत करने का भी माध्यम है। उन्होंने संत रविदास जी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।
गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान, सेवा, विनम्रता और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का यह पर्व समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री जन्मेजय सिंह, देवेंद्र कुमार यादव, मनोज कुमार मुन्ना, राधा देवी, प्रशांत ठाकुर, सतीश ठाकुर, नागेंद्र राउत, आदित्य झा, कन्हैया साह, जूही झा, अशोक राम, मनीष करण, ध्रुव नारायण त्रिपाठी, नवल झा, रवि महतो, करुणेश चंद्र ठाकुर, मनोज श्रीवास्तव, महेश कुमार, पंकज झा, सुनील कुंवर सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
दीपोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से गुरु पूर्णिमा और संत रविदास जयंती वर्ष को श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा।
