मधुबनी:
भारतीय मित्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनेश्वर महतो ने आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत भूषण तिवारी प्रकरण को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कई तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसे कानून अपराधी मानता है, शहीद का दर्जा देने की मांग की जाती है, तो फिर समाज को फूलन देवी के संघर्ष को भी उसी दृष्टि से देखने पर विचार करना चाहिए।
धनेश्वर महतो ने कहा कि फूलन देवी ने अपने साथ हुए कथित अत्याचारों के बाद हथियार उठाया था। उन्होंने सवाल किया कि यदि कुछ लोग भारत भूषण तिवारी को सम्मान देने की बात करते हैं, तो फिर फूलन देवी को “माता दुर्गा का स्वरूप” मानकर उनकी पूजा क्यों नहीं की जा सकती।
उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब द्रौपदी के अपमान पर महाभारत जैसा युद्ध हो सकता है, तब एक महिला के साथ हुए सामूहिक अत्याचार के बाद उसके संघर्ष को अलग नजरिए से क्यों देखा जाता है। उन्होंने दावा किया कि समाज ने उस समय पीड़िता के साथ पर्याप्त न्याय नहीं किया।
प्रेस वार्ता के दौरान धनेश्वर महतो ने जातीय भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप था कि जब किसी पिछड़े, दलित या मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगते हैं, तो उसे तुरंत आतंकवादी, नक्सली या देशविरोधी करार देने की कोशिश की जाती है। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आरोपी ऊंची जाति से हो, तो उसके प्रति अलग रवैया अपनाया जाता है। उन्होंने इस दोहरे मापदंड की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और समानता की भावना के खिलाफ बताया।
भारतीय मित्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने घोषणा की कि आगामी दशहरा के अवसर पर पार्टी की ओर से फूलन देवी को “दुर्गा स्वरूप” मानते हुए उनकी प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती बीना देवी, प्रदेश युवा नेता राजेश कुमार महतो, जिला युवा अध्यक्ष उमेश भंडारी, रामबाबू चौधरी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद आलम, मोहम्मद जावेद, दिलीप कुमार महतो, चंदन कुमार, भारत तथा उमेश पंडित सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
