मधुबनी | विशेष रिपोर्ट
बिजली विभाग की लापरवाही से परेशान उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला मधुबनी नगर क्षेत्र का है, जहां एक नागरिक ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए जिला पदाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। आरोप है कि रात के समय बिजली संबंधी शिकायतों के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर और अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद या अनुत्तरित रहते हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने जिला पदाधिकारी को दिए आवेदन में कहा है कि बिजली विभाग के शिकायत नंबर 9266456414, फ्यूज कॉल सेंटर नंबर 9031633815 और कनीय अभियंता के मोबाइल नंबर 7763814980 पर रात में किसी भी समस्या की सूचना देने के लिए फोन किया जाता है, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की जाती। कई बार लगातार प्रयास के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलता।
राजेश कुमार का कहना है कि अगर रात के समय बिजली का तार टूट जाए, ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाए या शॉर्ट सर्किट जैसी कोई गंभीर घटना हो जाए तो आम लोग किससे संपर्क करें? उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी हादसे में जान-माल का नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
शिकायत में यह भी कहा गया है कि फ्यूज कॉल सेंटर पर कभी-कभी फोन उठाया भी जाता है तो केवल शिकायत दर्ज करने की बात कहकर मामला खत्म कर दिया जाता है, जबकि मौके पर समस्या के समाधान में काफी देर होती है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
मामले को गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने जिला पदाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर बिजली विभाग की इस कथित लापरवाही पर क्या कदम उठाया जाता है।
जनता का सवाल
“अगर रात में आपात स्थिति हो जाए और बिजली विभाग फोन ही न उठाए, तो फिर हेल्पलाइन नंबरों का क्या मतलब?”
