आनंद शर्मा और सुरेन्द्र पौडेल की संयुक्त अध्यक्षता में बुधवार को मधुबनी के सौराठ स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान में भारत-नेपाल जिला स्तरीय सीमा समन्वय समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक की शुरुआत भारत और नेपाल के राष्ट्रगान के साथ हुई। इस दौरान मानव तस्करी, शराब की तस्करी, मादक पदार्थों की आवाजाही, जाली नोटों पर रोक, सीमावर्ती इलाकों में अपराधियों की गतिविधियों, नो मैन्स लैंड पर अतिक्रमण और बॉर्डर पिलरों की मरम्मत जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए गए। दोनों देशों के अधिकारियों ने सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई पर सहमति जताई।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच संबंध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह रिश्ते सांस्कृतिक विरासत, पारस्परिक सम्मान और “बेटी-रोटी” के अटूट संबंध पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी समन्वय और सतर्कता से सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
नेपाल के सिरहा जिले के सीडीओ सुरेन्द्र पौडेल ने बैठक को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की बैठकों से दोनों देशों के प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक के सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।
बैठक में योगेंद्र कुमार ने फेक करेंसी, नशीले पदार्थों की तस्करी और दोनों देशों के अपराधियों की सूची साझा करने जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। वहीं सीमा पर चौकसी बढ़ाने, प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और संयुक्त फील्ड सर्वे कराने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में भारत की ओर से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एसएसबी, उत्पाद विभाग और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं नेपाल की ओर से सिरहा, धनुषा, महोत्तरी और सप्तरी जिलों के प्रशासनिक, पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स, कस्टम और सर्वे विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
