मधुबनी। असम के निवर्तमान मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में मधुबनी जिला कांग्रेस कमेटी (पश्चिम) के बैनर तले जोरदार आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए थाना मोड़ पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं समर्थक शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग की।
इस मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान सचिव कृष्ण कांत झा उर्फ ‘गुड्डू’ ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जो एक बुजुर्ग दलित नेता हैं, उनके खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा और गाली-गलौज का प्रयोग किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा भारतीय राजनीति के स्तर को गिराने का काम करती है।
उन्होंने आगे कहा कि देश के लोकप्रिय जननेता Rahul Gandhi के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणी करना पूरी तरह अस्वीकार्य है और कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
कृष्ण कांत झा ने Pawan Khera के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी के पासपोर्ट से जुड़े सवाल उठाए, तो उसके जवाब में सत्ता पक्ष द्वारा दमनात्मक कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और पुलिस उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर तोड़फोड़ की तथा सामान जब्त किया गया, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में वर्तमान में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग अपने करीबी नेताओं और मुख्यमंत्रियों को संरक्षण दे रहे हैं, चाहे उन पर कितने भी गंभीर आरोप क्यों न हों। यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि देश में उन्हीं के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हैं, जो ऐसे नेताओं को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह “हिटलरशाही” का उदाहरण है, जहां विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज उठाती रहेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के तहत सजा मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि वे पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने का कार्य निरंतर जारी रखेंगे।
