दरभंगा: बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सलीम परवेज को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मदरसे के निरीक्षण के दौरान एक मौलाना साहब के साथ कथित अभद्र व्यवहार और उनकी दाढ़ी-टोपी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर अब ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संगठन के दरभंगा जिलाध्यक्ष मो. अशरफ ने इस पूरे मामले को पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए बिहार सरकार से सलीम परवेज के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
‘किसी की धार्मिक पहचान का अपमान करने का अधिकार नहीं’
मो. अशरफ ने कहा कि बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार और मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। किसी मौलाना या शिक्षक से कोई गलती होती है तो उसके खिलाफ नियम-कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन गाली-गलौज करना और दाढ़ी-टोपी जैसी धार्मिक पहचान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि सलीम परवेज को न तो पार्टी और न ही सरकार ने यह अधिकार दिया है कि वे किसी की धार्मिक पहचान का अपमान करें। इस तरह का व्यवहार न केवल एक शिक्षक के सम्मान को ठेस पहुंचाता है, बल्कि मदरसा बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण संस्थान की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़ा करता है।
‘सरकार की छवि पर नहीं पड़ना चाहिए असर’
मो. अशरफ ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में मदरसा शिक्षा और मदरसा शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं। सरकार की साफ-सुथरी छवि और सुशासन की पहचान को किसी पदाधिकारी की गैर-जिम्मेदाराना हरकत से नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सलीम परवेज की कथित बयानबाजी से सरकार की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सलीम परवेज इससे पहले भी जातिसूचक टिप्पणी से जुड़े विवादों में सामने आ चुके हैं। ऐसे में उनके व्यवहार और कार्यशैली की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के जिलाध्यक्ष मो. अशरफ ने बिहार सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सलीम परवेज को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपने व्यवहार में सुधार करना चाहिए।
मो. अशरफ ने आगे कहा कि पद की गरिमा को देखते हुए सलीम परवेज के लिए बेहतर होगा कि वे स्वयं अपने पद से इस्तीफा दे दें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उचित कार्रवाई नहीं की तो ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने को मजबूर होगा।
अब देखना होगा कि मदरसा बोर्ड अध्यक्ष से जुड़े इस विवाद पर बिहार सरकार क्या रुख अपनाती है और क्या इस मामले में कोई कार्रवाई होती है।
