मधुबनी | 06 अप्रैल 2026
मधुबनी में ‘सेवा-संवाद-समाधान’ कार्यक्रम: डीएम आनंद शर्मा ने सुनीं आमजन की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देशमधुबनी समाहरणालय परिसर में सोमवार को आयोजित ‘सेवा-संवाद-समाधान’ अनुश्रवण प्रणाली के तहत जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यह कार्यक्रम “सबका सम्मान – जीवन आसान (Ease of Living)” पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आम जनता को सरकारी कार्यों में आने वाली परेशानियों से राहत दिलाना और प्रशासन एवं नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
जनसंवाद में उठे कई अहम मुद्दे
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें सबसे अधिक मामले जमीन विवाद और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े रहे।
➡️ प्रमुख शिकायतें इस प्रकार रहीं:
उसराही (थाना देवधा) की रेखा देवी ने दबंगों द्वारा जमीन पर जबरन कब्जा करने की शिकायत की।
बेनीपट्टी प्रखंड के समदा गांव की रेणु कुमारी ने पर्चावाली जमीन पर कब्जा और मारपीट का आरोप लगाया।
जयनगर बस्ती गोइत टोला की जिवछि देवी ने अपनी खातियानी जमीन को घेर लेने की शिकायत की।
लदनियां प्रखंड के खाजेडीह निवासी रामचंद्र कामत ने पड़ोसियों द्वारा निजी जमीन पर अवैध निर्माण की बात रखी।
बासोपट्टी प्रखंड के भैयापट्टी निवासी राजाराम महतो ने स्वच्छता सुपरवाइजर की बहाली में अनियमितता का आरोप लगाया।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि: सभी शिकायतों का समयबद्ध निपटारा किया जाएl
प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो
पीड़ितों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ेंl उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जनता और प्रशासन के बीच मजबूत हो रहा भरोसा
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी अपने-अपने कक्षों में मौजूद रहे और उन्होंने मौके पर ही कई मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी। इससे लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद जगी।
‘सेवा-संवाद-समाधान’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को अधिक जन-हितैषी, जवाबदेह और संवेदनशील बनाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक और आसान तरीके से न्याय मिल सके।
निष्कर्ष
मधुबनी में इस पहल के जरिए प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि अब जनता की समस्याएं सीधे सुनी जाएंगी और उन पर तुरंत कार्रवाई होगी। यह कार्यक्रम न केवल शिकायतों के समाधान का मंच बन रहा है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रहा है।
